
पुत्रदा एकादशी व्रत पारण कथा || तुलसी माता की कथा || putrada ekadashi vrat paran katha
पुत्रदा एकादशी व्रत पारण कथा || तुलसी माता की कथा || putrada ekadashi vrat paran katha एकादशी व्रत पारण की विधि, कब और कैसे करना है #एकादशी_व्रत_पारणा_मुहूर्त #पुत्रदा_एकादशी_पारणा_समय #एकादशी_पारणा_विधि #putradaekadashi2025 #VratkaParanputradaekadashi Ekadashi vrat paaran ki vidhi kab aur kaise karna hai Putrada Ekadashi vrat ka paaran 2025 #ekadashi #devshayaniekadashi# #पुत्रदाएकादशी #dwadashi एकादशी व्रत पारण का समय, एकादशी का पारण कब है, #पुत्रदाएकादशीपारणटाइम पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पारण 11 जनवरी 2025 को सुबह 07.15 मिनट से सुबह 8.21 मिनट के बीच किया जाएगा. पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय सुबह 08:21 है. एकादशी व्रत का पारणा कैसे करें | पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पारण करने से पहले ब्राह्मण को दान दें, विष्णु जी की विधिवत पूजा करें. ये काम सूर्योदय के बाद ही करें. श्री हरि और देवी लक्ष्मी के सामने दीया जलाएं और पीले फूलों की माला अर्पित करें. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें और आरती करें. पुत्रदा एकादशी का व्रत पारण करते समय सबसे पहले तुलसी दल मुंह में लें और फिर चावल ग्रहण करें. पारण के दौरान आप फल या सूखे मेवे जैसे कि बादाम, पिस्ता, अखरोट, और किशमिश भी खा सकते हैं. @Hindi katha kahani एकादशी पारण का समय पुत्रदा एकादशी व्रत पारण समय एकादशी पारणा कब है एकादशी पारण का समय, पारण समय, एकादशी पारण विधि, द्वादशी तिथि का समय, द्वादशी का समय, एकादशी पारणा, द्वादशी कब है द्वादशी पारण कब है | द्वादशी तिथि और पारण का समय, द्वादशी पूजा विधि और महत्व, एकादशी व्रत पारण के समय क्या खाना है, एकादशी व्रत पारण के समय क्या भोजन करें, एकादशी व्रत का पारन कैसे करना है Ekadashi vrat paran, ekadashi vrat Parana time, ekadashi ka Paran kab hai, ekadashi vrat ka Paran kab hai, Hindi Katha Kahani, ekadashi vrat ka Paran, ekadashi vrat ka Paran kaise karen putrada ekadashi Parana time ekadashi Paran ka samay Ekadashi Parana Vidhi Dwadashi tithi time dwadashi time Ekadashi Parana dwadashi kab hai dwadashi paaran kab hai dwadashi tithi aur paaran ka samay, dwadashi pooja vidhi aur mahatva, Hindi Katha Kahani, Ekadashi vrat paaran ke samay kya khana hai, ekadashi vrat ka paaran ke samay kya bhojan karna hai, ekadashi vrat ka paaran kaise karna hai Ekadashi vrat paaran ka samay एकादशी व्रत पारणा कैसे किया जाता है एकादशी व्रत पारणा किस चीज से करनी चाहिए एकादशी पारण के दिन चावल खाना चाहिए या नहीं एकादशी व्रत का पारण कैसे किया जाता है एकादशी का व्रत रखने वाले भक्तों को दशमी तिथि से ही एकादशी के व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और अगले दिन एकादशी तिथि को सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करना चाहिए घर और खासकर पूजा घर को अच्छी तरह से साफ करें इसके बाद भगवान विष्णु जी भगवान कृष्ण और लड्डू गोपाल जी की मूर्ति स्थापित करें और उनका अभिषेक करें भगवान को पीले वस्त्रों से सजाएं और पीले चंदन का तिलक भी लगाएं मूर्ति के सामने देसी घी का दीपक जलाएं इसके बाद एकादशी व्रत को पूरी श्रद्धा से करने का निर्णय ले ओम नमो भगवते वासुदेव मंत्र का 108 बार जाप करें इस दिन विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ भी करें और भगवान को पंचामृत और तुलसी दल अवश्य ही अर्पित करें पूजा का समापन आरती के साथ करें और शाम के समय भी भगवान विष्णु जी की विधि विधान से पूजा करें अगले दिन द्वादशी तिथि पर शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें और गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन करा के दान दक्षिणा अवश्य दें