
Today's (28/08/20) Bible Reading-Devotion-Quiz in Hindi
Please click the link below for Tamil • Today's (28/08/20) Bible Reading-Devo... please send the answers for bible quiz to 9265239499 before.30/08/20, 5am) -Please read the questions carefully along with the scriptures givn below Bible quiz 28/08/20(1 Corinthians 7;17-35 1) In all churches paul ordained one thing, what is that? 2) circumcision is nothing, uncircumcision is nothing,then, what is the thing which matters? 3)why we should not become slaves of men ? 4)Since the form of this world is passing away, those who weep as though _________and those who use this world as _______________ 5a)For which things an unmarried man cares for? b) For which things a married man cares about? Questions of bible quiz (1Corinthiana7:17-35) 1.सब कलीसियाओं में कैसा पौलुस ठरहराता था? 2.न खतना कुछ है और न खतनारहित परंतु क्या सबकुछ है? 3.हम मनुष्य के दास क्यों नही बनना है? 4. इस संसार ही के रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं इसलिए रोनेवाले ऐसे हो मानो _____ और संसार के साथ व्यवहार करनेवाले ऐसे हों मानो ________ 5. a)अविवाहित पुरुष किस बातों की चिंता में रहता है? b)विवाहित मनुष्य किस बातों की चिंता में रहता है Answers for the above questions will be provided in the description box of our daily video dated 31/08/20 1. कुरिन्थियों 7:17-35 17) जैसा प्रभु ने हर एक को बाँटा है, और जैसा परमेश्वर ने हर एक को बुलाया है, वैसा ही वह चले। मैं सब कलीसियाओं में ऐसा ही ठहराता हूँ। 18) जो खतना किया हुआ बुलाया गया हो, वह खतनारहित न बने। जो खतनारहित बुलाया गया हो, वह खतना न कराए। 19) न खतना कुछ है और न खतनारहित, परन्तु परमेश्वर की आज्ञाओं को मानना ही सब कुछ है। 20) हर एक जन जिस दशा में बुलाया गया हो, उसी में रहे। 21) यदि तू दास की दशा में बुलाया गया हो तो चिन्ता न कर; परन्तु यदि तू स्वतंत्र हो सके, तो ऐसा ही काम कर। 22) क्योंकि जो दास की दशा में प्रभु में बुलाया गया है, वह प्रभु का स्वतंत्र किया हुआ है। वैसे ही जो स्वतंत्रता की दशा में बुलाया गया है, वह मसीह का दास है। 23) तुम दाम देकर मोल लिए गए हो; मनुष्यों के दास न बनो। 24) हे भाइयो, जो कोई जिस दशा में बुलाया गया हो, वह उसी में परमेश्वर के साथ रहे। 25) कुँवारियों के विषय में प्रभु की कोई आज्ञा मुझे नहीं मिली, परन्तु विश्वासयोग्य होने के लिये जैसी दया प्रभु ने मुझ पर की है, उसी के अनुसार सम्मति देता हूँ। 26) मेरी समझ में यह अच्छा है कि आजकल क्लेश के कारण, मनुष्य जैसा है वैसा ही रहे।27) यदि तेरे पत्नी है, तो उससे अलग होने का यत्न न कर; और यदि तेरे पत्नी नहीं, तो पत्नी की खोज न कर। 28) परन्तु यदि तू विवाह भी करे, तो पाप नहीं; और यदि कुँवारी ब्याही जाए तो कोई पाप नहीं। परन्तु ऐसों को शारीरिक दु:ख होगा, और मैं बचाना चाहता हूँ। 29) हे भाइयो, मैं यह कहता हूँ कि समय कम किया गया है, इसलिये चाहिए कि जिन के पत्नी हों, वे ऐसे हों मानो उन के पत्नी नहीं; 30) और रोनेवाले ऐसे हों, मानो रोते नहीं; और आनन्द करनेवाले ऐसे हों, मानो आनन्द नहीं करते; और मोल लेनेवाले ऐसे हों, मानो उनके पास कुछ है ही नहीं। 31) और इस संसार के साथ व्यवहार करनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं। 32) अत: मैं यह चाहता हूँ कि तुम्हें चिन्ता न हो। अविवाहित पुरुष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है कि प्रभु को कैसे प्रसन्न रखे। 33) परन्तु विवाहित मनुष्य संसार की बातों की चिन्ता में रहता है कि अपनी पत्नी को किस रीति से प्रसन्न रखे। 34) विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है : अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है कि अपने पति को प्रसन्न रखे। 35) मैं यह बात तुम्हारे ही लाभ के लिये कहता हूँ, न कि तुम्हें फँसाने के लिये, वरन् इसलिये कि जैसा शोभा देता है वैसा ही किया जाए, कि तुम एक चित्त होकर प्रभु की सेवा में लगे रहो। नीतिवचन 19:23-29 23) यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय माननेवाला ठिकाना पाकर सुखी रहता है; उस पर विपत्ति नहीं पड़ने की। 24) आलसी अपना हाथ थाली में डालता है, परन्तु अपने मुँह तक कौर नहीं उठाता। 25) ठट्ठा करनेवाले को मार, इससे भोला मनुष्य समझदार हो जाएगा, और समझवाले को डाँट, तब वह अधिक ज्ञान पाएगा। 26) जो पुत्र अपने बाप को उजाड़ता, और अपनी माँ को भगा देता है, वह अपमान और लज्जा का कारण होगा। 27) हे मेरे पुत्र, यदि तू भटकना चाहता है, तो शिक्षा का सुनना छोड़ दे। 28) अधर्मी साक्षी न्याय को ठट्ठों में उड़ाता है, और दुष्ट लोग अनर्थ काम निगल लेते हैं। 29) ठट्ठा करनेवालों के लिये दण्ड ठहराया जाता है, और मूर्खों की पीठ के लिये कोड़े हैं। नीतिवचन 20:1-4 1) दाखमधु ठट्ठा करनेवाला और मदिरा हल्ला मचानेवाली है; जो कोई उसके कारण चूक करता है, वह बुद्धिमान नहीं। Answers for quiz dt 26/08/20 1-a)जब दूसरे के साथ झगड़ा हो,तो फैसले के लिए अधर्मियों के पास न जाए और पवित्र लोगों के पास जाऐ। b)क्योंकि पवित्र लोग जगत की न्याय करेंगे 2(a)अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होगे।(6:9) 2(b)परन्तु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे। (6:11) 3-सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं,परन्तु सब वस्तुएँ लाभ की नहीं,सब वस्तुएँ मेरे लिये उचित है,परन्तु मैं किसी बात के अधीन न हूँगा।(6:12) 4-परन्तु व्यभिचार करनेवाला अपनी ही देह के विरुद्ध पाप करता है। (6:18) 5-कयोंकि दाम देकर मोल लिये गए हो,इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।(6:20)