मुस्लिम लीग की स्थापना | गदर आंदोलन| कामागाटामारू प्रकरण | Indian National movement | upsc pre
मुस्लिम लीग की स्थापना | गदर आंदोलन| कामागाटामारू प्रकरण | Indian National movement | upsc pre | upsc prelims 2023 | Indian modern history #upscpre #indianhistory #indiannationalmovement Rishabh IAS Academy | ria Indian modern history in hindi Indian National movement in hindi upsc prelims 2023 Indian history (भारतीय इतिहास): Playlist • Indian history (भारतीय इतिहास) मुस्लिम लीग की स्थापना | muslim league गदर आंदोलन | gadar movement कामागाटामारू प्रकरण | kamagatamaru incident तोषामारू कांड | toshamaru kand मुस्लिम लीग के गठन की पृष्ठभूमि| सांप्रदायिक विचार कि मुसलमान एक अलग राष्ट्र है भारतीय राजनीतिक लोकाचार में सबसे पहले एक दार्शनिक और मुस्लिम सुधारवादी सर सैयद अहमद खान द्वारा बोया गया था वे चाहते थे कि मुसलमान शिक्षित हो और वैज्ञानिक सोच के साथ सोचे उन्होंने सुझाव दिया कि अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह करने के बजाय उनके साथ गठबंधन करना चाहिए| उन्होंने 18 से 86 में मोहम्मडन एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस की स्थापना की थी| लेकिन यह संगठन राजनीति से दूर रहा और उनकी अपनी संहिता के अनुसार इस पर चर्चा करने से भी परहेज किया| लेकिन 30 दिसंबर 1906 को लगभग 3000 प्रतिनिधियों ने ढाका में मोमडन एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस के एक सम्मेलन में भाग लिया| जिसमें राजनीति पर प्रतिबंध हटा दिया गया| और एआईएमएल यानी ऑल इंडिया मुस्लिम लीग बनाने का एक प्रस्ताव लाया गया| यह नाम नवाब ख्वाजा सर सलीमुल्लाह बहादुर द्वारा प्रस्तावित किया गया था| एआईएमएल भारत की पहली मुस्लिम राजनीतिक पार्टी थी गदर आंदोलन 1913 नवंबर 1913 में यूएस के सेंटेंस फ्रांसिस्को में हिंद एसोसिएशन ऑफ अमेरिका की स्थापना सोहन सिंह भकना द्वारा की गई| तथा गदर नामक एक पत्रिका का प्रकाशन अट्ठारह सौ सत्तावन में हुए विद्रोह की स्मृति में किया गया| इसी पत्र के नाम पर हिंद एसोसिएशन ऑफ अमेरिका का नाम गदर पार्टी पड़ा| इस संगठन द्वारा सैन फ्रांसिस्को में युगांतर आश्रम की स्थापना की गई| लाला हरदयाल गदर पार्टी के पथ प्रदर्शक थे| जबकि सोहन सिंह भकना इसके अध्यक्ष थे| बाद में अमेरिका का ब्रिटेन की ओर से प्रथम विश्व युद्ध में सम्मिलित होने की वजह से गदर पार्टी का प्रभाव समाप्त हो गया तथा| इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया गया| कामागाटामारू प्रकरण 1914 | यह कनाडा में भारतीयों के प्रवेश से संबंधित| विवाद था| कामागाटामारू एक जापानी जहाज था इसे भारतीय मूल के व्यापारी गुरुदत्त सिंह ने किराए पर लिया था| l पूर्वी एशिया से करीब 376 यात्रियों को बैकवर्ड कनाडा की ओर प्रस्थान किया| 23 मई 1914 को यह जहाज बैंक नंबर पहुंचा किंतु कनाडा सरकार ने भारतीयों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया| जिससे इन्हें बंदरगाह से ही वापस लौटना पड़ा| कनाडा में इन यात्रियों के पक्ष में हुसैन रहीम सोहनलाल पाठक और बलवंत सिंह के नेतृत्व में शोर कमेटी है तथ्य तथ्य कमेटी का गठन किया गया| भारत के ब्रिटिश सरकार ने जहाज को सीधे कोलकाता लाने का आदेश दिया जहाज के कोलकाता में बजबज नामक स्थान पर पहुंचते ही यात्रियों एवं पुलिस के बीच हुए संघर्ष में 18 यात्री मारे गए तथा 202 यात्रियों को कारावास में डाल दिया गया| यह पूरी घटना ही कामागाटामारू प्रकरण के नाम से जा तोषामारू कांड | toshamaru kand 1914 गदर पार्टी के नेताओं से संबंधित था| तोषामारू नामक जहाज पर गदर पार्टी के क्रांतिकारी यात्रा कर रहे थे| अपने सिंगापुर पड़ाव के दौरान भाई परमानंद के क्रांतिकारी भाषणों से भारतीय सैनिकों में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध विरोध की भावना जागृत हुई| परिणाम स्वरूप सिंगापुर लाइट इन्फेंट्री के जवानों ने जमादार चिश्ती का एवं गुंडे खाकर नेतृत्व में विद्रोह कर दिया| तथा उन्होंने अंग्रेजी सैन्य अड्डे पर तिरंगा ध्वज फहराया| इतिहास में इस घटना को सिंगापुर क्रांति के नाम से भी जाना जाता है| aadhunik bharat ki history aadhunik bharat ki history by khan sir adhunik bharat ka itihas in hindi आधुनिक भारत का इतिहास by khan sir भारत का इतिहास adhunik bharat ka itihas by khan sir adhunik bharat ka itihas आधुनिक भारत का इतिहास विपिन चंद्र aadhunik bharat ki history khan sir aadhunik bharat ki history by rajveer sir indian modern history indian modern history in hindi indian modern history by khan sir indian modern history mcq indian modern history in english indian modern history by rajveer sir indian modern history marathon indian modern history for #upsc