दिल्ली दरबार, कामागाटामारू प्रकरण,  होमरूल लीग आंदोलन, लखनऊ अधिवेशन

दिल्ली दरबार, कामागाटामारू प्रकरण, होमरूल लीग आंदोलन, लखनऊ अधिवेशन

दिल्ली दरबार 1911 ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम एवं महारानी मैरी का भारत आगमन बंगाल विभाजन को निरस्त राजधानी कोलकाता से दिल्ली महारानी मैरी पुष्कर आई और यहां पर जानाना/ मैरी घाट का निर्माण किया लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (1910 से 1916) लॉर्ड कर्जन 1899-1905 लॉर्ड मिंटो द्वितीय 1905-1910 दिल्ली षड्यंत्र मुकदमा -1911 सचिन सान्याल और रासबिहारी बोस कामागाटामारू प्रकरण 1914 कनाडा में ऐसे भारतीयों को प्रवेश की अनुमति नहीं थी जो सीधे भारत से नहीं आए हैं कनाडा के सुप्रीम कोर्ट ने 35 ऐसे भारतीयों को प्रवेश की अनुमति दी इस घटना से प्रोत्साहित होकर गुरदीप सिंह एक जापानी जहाज “कामागाटामारू” को किराए पर लेकर कनाडा के वैंकूवर बंदरगाह की ओर प्रस्थान करते हैं लेकिन कनाडा पहुंचते ही उन्हें वहां नहीं उतरने दिया जाता है अधिकारों की रक्षा के लिए एक शोर कमेटी का गठन किया रहीम हुसैन सोहनलाल पाठक बलवंत सिंह ब्रिटिश सरकार ने इस जहाज को कलकत्ता की बजबज बंदरगाह पर लौटने का आदेश दिया जहां पर यात्रियों एवं पुलिस में मुठभेड़ के कारण 18 यात्री मारे गए कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन 1916 अध्यक्ष - अंबिका चरण मजूमदार होमरूल लीग आंदोलन 1916 भारत में होमरूल लीग की स्थापना की योजना एनी बेसेंट 2 जनवरी 1914 को कॉमनवील पत्रिका में इसकी व्याख्या इसमें ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के अंतर्गत स्वशासन के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय शिक्षा, सामाजिक सुधार कार्यक्रम प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लोकप्रिय होमरूल लीग की प्रेरणा एनी बेसेंट को आयरलैंड की होमरूल आंदोलन से मिली जिसके प्रणेता रेडमंड थे होमरूल लीग का मुख्य उद्देश्य सूरत विभाजन के पश्चात बंद पड़े राष्ट्रीय आंदोलन को उर्जा प्रदान करना था तिलक की होमरूल लीग अप्रैल 1916, बेलगांव कर्नाटक में गठन प्रथम प्रेसिडेंट – जोसेफ बेपिस्ता सचिव - एनसी केलकर कार्यक्षेत्र – कर्नाटक, मध्य प्रांत, महाराष्ट्र (मुंबई को छोड़कर), बरार 6 शाखाएं, अधिक सशक्त मराठा, केसरी एनी बेसेंट की होमरूल लीग सितंबर 1916, अडयार, मद्रास अध्यक्ष - स्वयं सचिव - जॉर्ज अरुंडेल कार्यक्षेत्र - शेष भारत व मुंबई लगभग 200 शाखाएं कॉमनवील, न्यू इंडिया