
jain dharm history in hindi | जैन धर्म के इतिहास by Niraj sir | Ancient History Jainism history #ssc
jain dharm history in hindi | जैन धर्म के इतिहास by Niraj sir | Ancient History Jainism history #ssccgl #gkgsdiscussion #jainism #jainismhistory @cglfacts8913 #gkgsbynirajsir 🌐🗺️Social Media Links 🌐🗺️ YouTube link 👇 https://bit.ly/4h0Yqsi Teligram Link -👇 https://t.me/cglfactsnirajkumarI Facebook Link 👇 https://bit.ly/43a7BmL WhatsApp Group Link 👇 https://bit.ly/3ESoxUJ WhatsApp Channel Link 👇 https://bit.ly/3WfRMXv Google Link 👇 https://bit.ly/3ZXa0On Explain to जैन धर्म का इतिहास | जैन धर्म के इतिहास by Niraj sir | Ancient History Jainism History जैन धर्म, भारतीय उपमहाद्वीप का एक प्राचीन धर्म है, जो अहिंसा, सत्य और आत्मा के मुक्ति के सिद्धांतों पर आधारित है। यह धर्म भगवान महावीर स्वामी द्वारा प्रचारित किया गया, जो जैन धर्म के 24वें और अंतिम तिर्थंकर माने जाते हैं। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व हुआ था और उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। जैन धर्म के सिद्धांतों में अहिंसा सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे 'अहिंसा परमो धर्म' के रूप में जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, सत्य, अस्तेय (चोरी से बचना), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह (वस्तु का त्याग) जैन धर्म के अन्य महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं। जैन धर्म की दो प्रमुख शाखाएं हैं - दिगंबर और श्वेताम्बर, जिनमें दिगंबर लोग नग्न रहते हैं, जबकि श्वेताम्बर लोग सफेद वस्त्र पहनते हैं। इस धर्म का इतिहास न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति में इसके योगदान को भी महत्व दिया जाता है। जैन धर्म ने समाज में अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण, और नैतिकता के महत्व को बढ़ावा दिया। जैन धर्म के अनुयायी भारत और विश्व के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं और अपने सिद्धांतों का पालन करते हुए जीवन जीते हैं। यह वीडियो जैन धर्म के इतिहास, सिद्धांतों, और इसकी सांस्कृतिक धरोहर को विस्तार से समझाने का प्रयास करता है।